गुरुवार, 2 मई 2013
मंगलवार, 30 अप्रैल 2013
रविवार, 28 अप्रैल 2013
सूरज कुमार काशी की प्रयोगात्मक कला प्रदर्शनी
पानी जीवन है, पानी अमृत है, पानी ठोस भी है तरल भी, पानी जन्म भी है मरण भी, पानी मैल धोती है, पानी पाप धोती है। पानी के कई रूप हैं कई रंग हैं। जब इतने रूपों में पानी है तो ऐसे में कलाकार की कला में पानी क्यों न हो ?सूरज कुमार काशी एक ऐसे हीं कलाकार हैं जिनकी कला पिछले कुछ समय से लोगों के सर चढ़ कर बोल रही है। पिछले कुछ समय से इनकी कला प्रदर्शनी कई रूपों में देखने को मिली है। इसी क्रम में jaypee delcourt , ग्रेटर नॉएडा में बिसलरी शीर्षक की प्रयोगात्मक प्रदर्शनी का आयोजन 1 8 मई से होने जा रहा हे।
शनिवार, 27 अप्रैल 2013
सामूहिक कला प्रदर्शनी
| कुमार रंजन की कृति |
आज 2 7 अप्रैल को इस प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में जानी -मानी मूर्तिकार गोगी सरोजपाल हिस्सा ले रहीं हैं। प्रदर्शनी 1 5 मई तक चलेगी।
बुधवार, 24 अप्रैल 2013
दिनेश कुमार राम की एकल चित्र प्रदर्शनी
![]() |
| दिनेश कुमार राम की कृति |
आज दिनेश कुमार राम का नाम कला की दुनिया में किसी से छुपा नहीं है। दिनेश एक स्वतंत्र कलाकार हैं और लम्बे समय से चित्र सृजन कर रहे हैं। इनके चित्र मन को छूने वाले तथा रंग हृदयस्पर्शी हैं। दिनेश एक ऐसे कलाकार हैं जो समय-समय पर अपनी कला के साथ अपने चाहने वालों के बिच आते रहते हैं, इसी कड़ी में वे अपने चित्रों के साथ बहुत जल्द ही दिखने वाले हैं दिल्ली के ललित कला अकादमी की कला दीर्घा संख्या 4 में। " प्रकृति का प्रवाह" यह शीर्षक है उनकी अगली प्रदर्शनी का जिसका उद्घाटन इसी महीने की 2 8 तारीख को ललित कला अकादमी के चेयरमैन श्री के. के. चक्रवर्ती करेंगे। प्रदर्शनी 4 मई तक चलेगी।
बुधवार, 17 अप्रैल 2013
प्रो. बिरेश्वर भट्टाचार्य के जीवन संग्रह के प्रकाशन की योजना
| प्रो. बिरेश्वर भट्टाचार्य |
बिहार की कला की जब बात की जाए तो पटना कला महाविद्द्यालय का नाम खुद ही जुबां पर आ जाती है। यह महाविद्द्यालय अपने आप में बहुत बड़ा इतिहास संजोए है। आज के दौर में कई युवा कलाकार देश में ही नहीं बल्कि विदेशो में भी अपनी कला का जौहर दिखा रहे है और इस महाविद्द्यालय की गरिमा बढ़ा रहे है परन्तु एक दौर ऐसा भी था जब यहाँ के शिक्षक भी देश-विदेश में विशेष पहचान बनाई थी, इसी दौर के एक बहुचर्चित कलाकार हैं, प्रो. बिरेश्वर भट्टाचार्य जो इन दिनों कोलकाता में रहकर कला सृजन कर रहे हैं। आज हम कितना भी आगे बढ़ जाएँ पर ऐसे वरिष्ठतम कलाकार की कला यात्रा को याद रखना, उसे संभालना- संजोना भी हमारा ही काम है और यह बीड़ा उठाया है जाने-माने वरिष्ठ कलाकार एवं कला लेखक श्री सुमन सिंह जी ने।
| प्रो. बिरेश्वर भट्टाचार्य कला सृजन में लीन |
अपनी योजना के बारे में उन्होंने बताया की वे पटना के कुछ वरिष्ठतम कलाकारों के जीवन एवं उनकी कला यात्रा को संजोने के लिए पुस्तक के प्रकाशन की योजना बनाई है। इस क्रम की शुरुआत वे प्रो. बिरेश्वर भट्टाचार्य के जीवन संग्रह से कर रहे हैं। उन्होंने सभी कला प्रेमियों एवं कलाकारों से भी अपील की है की जो कुछ भी सामग्री, कला लेख या महत्वपूर्ण छायाचित्र उपलब्ध हैं प्रकाशनार्थ उपलब्ध कराएं ताकि वरिष्ठतम कलाकार की कला यात्रा को सम्मान पूर्वक सहेजा जा सके।
सोमवार, 1 अप्रैल 2013
मंगलवार, 26 मार्च 2013
शनिवार, 23 मार्च 2013
सोमवार, 18 मार्च 2013
रंगपुर्वी कला प्रदर्शनी- 2 0 1 3
यूँ तो कला के लिए किसी भाषा की आवश्यकता नहीं है , बल्कि कला के बिना भाषा का कोई औचित्य नहीं। कला खुद में एक सम्पूर्ण भाषा है जिसे समझने के लिए इसे सीखना जरुरी नहीं ।
आज दिल्ली के ललित कला अकादमी में एक ऐसी कला प्रदर्शनी का शुभारम्भ हुआ जिसका आयोजन दिल्ली सरकार की मैथिल-भोजपुरी अकादमी ने किया है। आज इसका उद्घाटन भाषा, शिक्षा, समाज कल्याण मंत्री प्रो. किरण वालिया ने किया।
प्रदर्शनी में मैथिली एवं भोजपुरी भाषी प्रदेशों के करीब चालीस कलाकारों की कृतियाँ प्रदर्शित की गई है, जिनमे समकालीन कलाकारों के अलावा लोक कलाकारों की कृतियाँ भी शामिल हैं।
लोक कलाकारों में शशिकला देवी, चानो देवी, जगदम्बा देवी आदि की कृतियाँ प्रमुख हैं वहीँ समकालीन कला के क्षेत्र में प्रो. श्याम शर्मा, अनिल कुमार सिन्हा, मिलन दास, नरेन्द्र पल सिंह, उमेश प्रसाद, राजेश चन्द, सचिन्द्र नाथ झा, सूरज कुमार कशी, राजेश राम, अभिजित पाठक, त्रिभुवन कुमार, नम्रता पंडित आदि कलाकार प्रमुख हैं। प्रदर्शनी 2 4 मार्च तक चलेगी।
| चित्र देखतीं माननीय मंत्री किरण वालिया |
इस अवसर पर एक सेमिनार का भी आयोजन किया गया जिसमे रविन्द्र कुमार दास, उमेश कुमार, रविन्द्र त्रिपाठी के साथ-साथ वरिष्ठ कलाकार अनिल सिन्हा ने भी अपनर विचार व्यक्त किए।
| सेमिनार में बोलते अनिल सिन्हा |
शुक्रवार, 8 मार्च 2013
मंगलवार, 5 मार्च 2013
गुरुवार, 28 फ़रवरी 2013
शनिवार, 16 फ़रवरी 2013
सोमवार, 14 जनवरी 2013
पटना में कला कार्यशाला का भव्य आयोजन
पूस की सर्दी ऐसी की रजाई से बहार निकालने का जी न करे , ऐसे में रंगों से गर्माहट पैदा करने की कोशिस कर रहे हैं इन दिनों कुछ कलाकार , पटना के भारतीय नृत्य कला मंदिर के बहुद्देश्यीय सांस्कृतिक परिसर में।
पटना इन दिनों अपनी कला गतिविधियों के कारण काफी चर्चा में है। लगातार हो रहे विभिन्न कला कार्यक्रमों की अगली कड़ी के रूप में इन दिनों पटना में अखिल भारतीय कला कार्यशाला का आयोजन बिहार ललित कला अकादमी ने किया है। इस कार्यशाला में बिहार तथा बिहार के बहार के करीब 45 सिद्धस्थ चित्रकार , मूर्तिकार तथा छाया कलाकार भाग ले रहे हैं।
चित्रकला विधा में सिद्धार्थ घोष कोलकाता से, अनूप कुमार चाँद दिल्ली से , विनय शर्मा जयपुर से , वेद प्रकाश गुप्ता बड़ोदा के साथ-साथ 18 चित्रकार भाग ले रहे हैं जिनमे रीता शर्मा भी हैं जो पटना से हैं। मूर्तिकला विभाग में श्रीकांत पाण्डेय दिल्ली से, आर श्रीनिवासन चेन्नई से, अरुण पंडित दिल्ली से, राजकुमार पंडित जयपुर से हैं, साथ ही अमरेश कुमार भी अपनी शिल्प कला का जौहर दिखा रहे हैं वे इस विभाग के संयोजक भी हैं। इनके अलावा करीब 10 शिल्पकार और भी है। इसी प्रकार छाया चित्र में भी स्थानीय छायाकार शैलेन्द्र कुमार के अलावा तपन ज्योति गोहाटी , सतीश नन्दगाओंकर महाराष्ट्र ; बी के जैन पटना , रवि साहनी दिल्ली से हिस्सा ले रहे हैं।
छायाचित्र विभाग के संयोजक वीरेन्द्र कुमार सिंह के अनुसार इस कार्यशाला के अंतर्गत लगभग सभी कलाकारों का पवार पॉइंट प्रदर्शन भी किया जाएगा। इस आयोजन की सुरुआत 12 तारीख को हुई थी जिसका समापन 18 को होगा। चित्रकला विभाग के संयोजक स्थानीय कलाकार मनोज कुमार बच्चन हैं।
पटना इन दिनों अपनी कला गतिविधियों के कारण काफी चर्चा में है। लगातार हो रहे विभिन्न कला कार्यक्रमों की अगली कड़ी के रूप में इन दिनों पटना में अखिल भारतीय कला कार्यशाला का आयोजन बिहार ललित कला अकादमी ने किया है। इस कार्यशाला में बिहार तथा बिहार के बहार के करीब 45 सिद्धस्थ चित्रकार , मूर्तिकार तथा छाया कलाकार भाग ले रहे हैं।
चित्रकला विधा में सिद्धार्थ घोष कोलकाता से, अनूप कुमार चाँद दिल्ली से , विनय शर्मा जयपुर से , वेद प्रकाश गुप्ता बड़ोदा के साथ-साथ 18 चित्रकार भाग ले रहे हैं जिनमे रीता शर्मा भी हैं जो पटना से हैं। मूर्तिकला विभाग में श्रीकांत पाण्डेय दिल्ली से, आर श्रीनिवासन चेन्नई से, अरुण पंडित दिल्ली से, राजकुमार पंडित जयपुर से हैं, साथ ही अमरेश कुमार भी अपनी शिल्प कला का जौहर दिखा रहे हैं वे इस विभाग के संयोजक भी हैं। इनके अलावा करीब 10 शिल्पकार और भी है। इसी प्रकार छाया चित्र में भी स्थानीय छायाकार शैलेन्द्र कुमार के अलावा तपन ज्योति गोहाटी , सतीश नन्दगाओंकर महाराष्ट्र ; बी के जैन पटना , रवि साहनी दिल्ली से हिस्सा ले रहे हैं।
छायाचित्र विभाग के संयोजक वीरेन्द्र कुमार सिंह के अनुसार इस कार्यशाला के अंतर्गत लगभग सभी कलाकारों का पवार पॉइंट प्रदर्शन भी किया जाएगा। इस आयोजन की सुरुआत 12 तारीख को हुई थी जिसका समापन 18 को होगा। चित्रकला विभाग के संयोजक स्थानीय कलाकार मनोज कुमार बच्चन हैं।
सोमवार, 24 दिसंबर 2012
शुक्रवार, 21 दिसंबर 2012
DELHI INTERNATIONAL FILM AND ART FESTIVAL,2012
शनिवार, 24 नवंबर 2012
गुरुवार, 1 नवंबर 2012
विरासत कलाकार शिविर , 2012, देहरादून
इन दिनों देहरादून के अम्बेडकर स्टेडियम में वार्षिक क्राफ्ट मेला का आयोजन किया जा रहा है / इसमे देश के करीब 100 स्टाल लगे गए हैं / इस मेले में जो सबसे खास आकर्षण का विषय है वह है देश-विदेश से आए विभिन्न कलाकारों द्वारा प्रस्तुत शास्त्रीय , सूफी एवं लोक संगीत का कार्यक्रम / इस अवसर पर देश के अलग-अलग प्रदेशों से आए करीब पंद्रह चित्रकारों की कला कार्यशाला का भी आयोजन किया गया है /मेले का शुभारम्भ 29 अक्तूबर को हुआ / समापन 10 नवम्बर को होगा / कला शिविर का समापन 4 नवम्बर को होगा / शिविर में बनी कृतियों को 10 नवम्बर तक प्रदर्शित किया जाएगा /
शुक्रवार, 12 अक्टूबर 2012
सदस्यता लें
संदेश (Atom)




.jpg)







+-+17+Feb+2013+-+Page+%237+copy.jpg)



.jpg)
.jpg)















