गुरुवार, 19 सितंबर 2013

नीव में शुरू हुई दो कलाकारों की वृहद कला प्रदर्शनी

नीव आर्ट सेंटर , दिल्ली की एक ऐसी संस्था है जो पिछले कुछ वर्षों से लगातार कला गतिविधियाँ चला रहा है।  जिनमे युवा कलाकारों की रेसीडेंसी तथा प्रदर्शनी , प्रतिष्ठित कलाकारों की प्रदर्शनी , अंतर्राष्ट्रीय रेसीडेंसी  आदि कई कार्यक्रम नीव के द्वारा लगातार संचालित हो रही है।  इसी क्रम में 18 सितम्बर को नेब सराय स्थित कला दीर्घा में दो प्रतिष्ठित कलाकारों की कला प्रदर्शनी का उद्घाटन बड़े ही धूम-धाम से हुआ। प्रदर्शनी के क्यूरेटर हैं राहुल भट्टाचार्या।    

नीचे की दीर्घा में युवा कलाकार अजय नारायण की कृति ने लोगों को काफी प्रभावित किया , एक ऒर कैनवास पर रंगों का संयोजन मन को छू रहा था तो दूसरो ऒर फाइबर ग्लास से बनी दरवाजे और खिड़की के रूप में बनी रंगीन कृतियाँ मन को मोह रही थी।  

जब हम ऊपर की दीर्घा में जाते हैं तो दरवाजे से घुसते हीं सामने काले रसेदार माध्यम में बनी कृति दिखाई देती  है जो वरिष्ठ कलाकार श्रीधर अईयर की है।  प्राकृतिक माध्यमों से बनी उनकी कृति मन को मोहित करती है।  उन्होंनें अपनी कृति के निर्माण के लिए ख़स , वृक्षों के डाल , रेत आदि जैसे कई प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल किया है। 

प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर कंचन चंदर , संजीव सिन्हा, जैसी कई चर्चित हस्तियाँ उपस्थित थी।  प्रदर्शनी का समापन 18 अक्टूबर को होगा।  

बुधवार, 18 सितंबर 2013

चोरी हुई योगिनी की मूर्ति के पेरिस से वापस आने पर राष्ट्रीय संग्रहालय में जश्न

योगिनी की मूर्ति 
त्तर प्रदेश के एक शांत गाँव में एक पुराने मंदिर से चोरी हुई भारत की जादुई पंथ की महिला प्रतिक - योगिनी की एक अति सुन्दर 10 वीं सदी में निर्मित पत्थर की मूर्ति पेरिस में एक कला संग्रहकर्ता के पास पहुँच गई थी लेकिन अब यह मूर्ति राष्ट्रीय संग्रहालय की बेशकीमती संपत्ति है।  

राष्ट्रीय संग्रहालय, भैंस आकर के वाली महिला देवता - "व्रिशानाना " योगिनी की भव्य मूर्ति के देश में वापस आने के उपलक्ष्य में 19 सितम्बर से 6 अक्तूबर तक अकेली कलाकृति की अब तक की पहली अनूठी प्रदर्शनी का आयोजन कर जश्न मानेगा।  
  
संग्रहालय के महानिदेशक डा. वेणु वि. के अनुसार " पुर्व में भी राष्ट्रीय संग्रहालय विशिष्ट विषयों पर केन्द्रित प्रदर्शनियों का आयोजन करता रहा है , लेकिन ऐसा पहली बार हो रहा है कीयह एक  हीं मूर्ति की प्रदर्शनी होगी। हालाकि यह प्रदर्शनी एक ही वास्तु पर ध्यान केन्द्रित करता है , लेकिन ऐसे कई विषय हैं  आधार प्रदान कर रहे हैं। "

18 दिनों तक चलने वाली इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 19 सितम्बर को 3 बजे संस्कृति मंत्री श्रीमती चंद्रेश कुमारी कटोच और विदेश मंत्री श्री सलमान खुर्शीद संयुक्त रूप से संग्रहालय में करेंगे।     

लगभग 400 किलोग्राम वजन की यह मूर्ति उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में लोखाड़ी गाँव के मंदिर से चोरी की गई थी।  उसके बाद इसे अवैध रूप से फ्रांस ले जाया गया ।  

इस प्रदर्शनी को राष्ट्रीय संग्रहालय के क्यूरेटर ( पुरातत्व ) जे. ई. डावसन और राष्ट्रीय संग्रहालय संसथान के डीन अनुप पाण्डेय ने संयुक्त रूप से क्युरेट किया है।  

मंगलवार, 17 सितंबर 2013

दो कलाकारों की कला प्रदर्शनी नीव में

         विश्व स्तर बहुत तेजी से अपना स्थान बना चुकी दिल्ली की कला संस्था " Niv Arts Center" में कल दिनांक 18 सितम्बर से एक कला प्रदर्शनी की शुरुआत हो रही है। इस प्रदर्शनी में एक जाने-मने वरिष्ठ कलाकार श्री श्रीधर अईयर तथा एक युवा कलाकार अजय नारायण की कृतियाँ एक साथ देखने को मिलेगी। एक महीने तक चलने वाली इस प्रदर्शनी का उद्घाटन कल शाम 6. 30 बजे  तथा समापन अगले महीने की 18 तारीख़ को होगा।       

बुधवार, 11 सितंबर 2013

पांच दिवसीय कला प्रदर्शनी की एक झलक







पांच दिवसीय सामूहिक कला प्रदर्शनी

सुमन सिंह की कृति 




      न दिनों दिल्ली की मशहूर कला दीर्घा " इंडिया हैबिटेट सेंटर " के विजुअल कला दीर्घा में एक सामूहिक कला प्रदर्शनी चल रही है।    आठ सितम्बर से शुरू हुई इस प्रदर्शनी में बाईस कलाकारों की लगभग ४५ कलाकृतियाँ प्रदर्शित है।   पेंटिंग, प्रिंट , मूर्तिशिल्प के साथ-साथ सेरामिक माध्यम में बनी कृतियाँ आकर्षण का केंद्र है।   कलाकारों में अभिनीत कुमार, चैता बासु जेना, चंद्रकिशोर, किशोर कुमार साहू, सुमन कुमार सिंह, संगीता, सुनील चन्द्र पॉल, विजय चौहान, मयधर साहू के साथ-साथ कई कलाकारों की कृतियाँ मन को छूने वाली है।प्रदर्शनी 12 सितम्बर तक चलेगी।  


रविवार, 1 सितंबर 2013

कला गोष्ठी का आयोजन

           भारत की समकालीन कला  आज अपने उस दौर में है जहाँ  यह कह पाना कठिन है की हम उन्नति की दिशा में जा रहे हैं या पतन की ऒर / यूँ तो हमेशा से हीं कला बाज़ार, राजनीति या कई अन्य चीजें कला को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती रही है पर आज के युग में इसका प्रभाव बहुत ज्यादा देखने को मिल रहा है / ऐसे में कलाकार क्या करे ? जब यह कहा जाता है कि आज भारतीय कलाकार स्वतंत्र है, उसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता  प्राप्त है पर क्या वह सही रूप में स्वतंत्र है ?
गोष्ठी के मुख्य वक्ता गण  तथा संबोधित करते श्री वेद प्रकाश भारद्वाज 


          इन्हीं गंभीर विषयों को चर्चा का विषय बनाया गया आर्ट ऑफ़ बिहार द्वारा एक कला गोष्ठी में / विषय था "  भारतीय समकालीन कला की चुनौतियाँ "  / AOB के दिल्ली स्थित कार्यालय में १ सितम्बर को आयोजित इस गोष्ठी में कई कलाकारों की मौजूदगी में तीन मुख्य वक्ता , वरिष्ठ कला समीक्षक तथा कला मर्मज्ञों ने अपने विचार रखे  / वरिष्ठ कलाकार एवं कला के जानकर पटना श्री अनिल कुमार सिन्हा ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपने विचार रखे / वरिष्ठ कलाकर एवं कला समीक्षक श्री वेद प्रकाश भरद्वाज ने अपने बहुमूल्य वचनों से कलाकारों को अवगत कराते हुए कला जगत में व्यवसायवाद पर विशेष रूप से प्रकाश डाला /  वहीँ श्री सुमन सिंह ने इस विषय पर अपने लेख पढ़े / उन्होंने बिहार के कला इतिहास की व्याख्या करते हुए समकालीन कला सन्दर्भों पर प्रकाश डाला /

गोष्ठी में उपस्थित कलाकार 


           कलाकारों की ऒर से रविन्द्र दास, भुनेश्वर भास्कर, रागिनी सिन्हा, सुनील कुमार, दिनेश कुमार राम ने भी अपने विचार रखे / भुनेश्वर भास्कर ने कला क्षेत्र में राजनीतिक प्रभाव को कला की दिशा तय करने का एक बड़ा कारक बताया /
           
           सभा के अंत में आर्ट ऑफ़ बिहार के मुखिया एवं संपादक राजेश चन्द ने धन्यवाद् ज्ञापन किया तथा कलाकारों एवं कला प्रेमियों से इस मुहीम में सहयोग की अपील की /    

सोमवार, 26 अगस्त 2013

सूरज कुमार काशी की प्रदर्शनी मुंबई में



                      बिहार के युवा कलाकार सूरज कुमार काशी की सामूहिक कला प्रदर्शनी इन दिनों मुंबई की जानी-मानी कला दीर्घा "   ताऊ आर्ट गैलरी"   में चल रही है / "बियोंड द कैनवास "   नाम से आयोजित इस प्रदर्शनी को संयुक्त रूप से संचालित किया है कल्पना शाह तथा सपना कर ने / इस प्रदर्शनी में देश के कई जाने-माने कलाकारों की अलग-अलग माध्यमों में बनी कृतियाँ  हैं जिनमें  सूरज कुमार काशी के अलावा अली अकबर मेहता , अरुनान्शु चौधरी , गोगी सरोज पाल , हिम्मत शाह , ज्योतिर्मय डे , परेश मैती , रामेश्वर बरूटा , सतीश गुजराल , सीमा कोहली जैसे 34 कलाकारों की कृतियाँ प्रदर्शित की गई है /  22 अगस्त से शुरू इस प्रदर्शनी का समापन 10 सितम्बर को होगा /

" विभूति " एक सामूहिक कला प्रदर्शनी 27 से

उमेश प्रसाद की कृति 
                 "   विभूति ", यह उस सामूहिक कला प्रदर्शनी का नाम है जिसका उद्घाटन कल यानि 27 जुलाई को दिल्ली के इंडिया हेबिटेट सेंटर में होने जा रहा है /  विजुअल आर्ट गैलरी में आयोजित होने वाली इस प्रदर्शनी में कुल आठ कलाकारों की कृतियाँ प्रदर्शित की जाएगी /   यह प्रदर्शनी कलर कोरिडोर द्वारा आयोजित की जा रही है जो इस महीने की 31 तारीख तक चलेगी /   उमेश प्रसाद के अलावा अनिल कुमार गोस्वामी, कुमार गौरव , रविन्द्र तोमर , उमाशंकर शाह , डा सीमा शर्मा शाह , वी नागदास तथा हरिबाबू की कृति इस प्रदर्शनी की शोभा बढ़ाएंगे /   

बुधवार, 21 अगस्त 2013

संरचना की सामूहिक कला प्रदर्शनी शुभारम्भ


                 बिहार के वरिष्ठ कलाकारों के कलाकृतियों की एक बड़ी प्रदर्शनी का उद्घाटन कल बड़े हीं उत्साह के साथ पटना के बहुद्देशीय सांस्कृतिक परिसर में हुआ /  



             कलाकारों की संस्था  "   संरचना"  द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी  में बिहार के जाने-माने करीब 15  कलाकार भाग ले रहे हैं / जिनमे अनिल सिन्हा, राखी कुमारी, विनय कुमार, श्याम शर्मा ,बी. के. गुप्ता ,  मनोज कुमार बच्चन , बिरेन्द्र  कुमार सिंह आदि प्रमुख हैं / प्रदर्शनी का उद्घाटन कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार के सचिव श्री चंचल कुमार ने किया , विशिष्ट अतिथि थे वरिष्ठ  साहित्यकार डा फणीश सिंह तथा सभा की अध्यक्षता की दूरदर्शन पटना के उप महानिदेशक श्री कृष्णदेव कल्पित ने /  यह प्रदर्शनी 2 5 अगस्त तक चलेगी / 



राखी कुमारी अपने काम के साथ 


बी के गुप्ता  अपने काम के साथ 

अनिल सिन्हा अपने काम के साथ 

दिनेश कुमार  अपने काम के साथ 


शुक्रवार, 16 अगस्त 2013

संरचना की सामूहिक कला प्रदर्शनी

अनिल सिन्हा की पेंटिंग 

           बिहार की नवनिर्मित कलाकारों की संस्था संरचना ने पटना में एक  सामूहिक कला प्रदर्शनी का आयोजन किया है / प्रदर्शनी का उद्घाटन 20 अगस्त को बहुद्देशीय सांस्कृतिक परिसर में होगा तथा समापन 25 अगस्त को होगा / इस प्रदर्शनी में कई सदस्य कलाकारों की कलाकृतियाँ प्रदर्शित की जाएगी /  जिसमे अनिल कुमार सिन्हा, मनोज कुमार बच्चन, बिरेन्द्र कुमार सिंह, श्याम शर्मा, मिलन दास जैसे कई कलाकार भाग ले रहे हैं /  

शनिवार, 3 अगस्त 2013

प्रसिद्ध कलाकारों की कृतियाँ दिखी दिल्ली में

सूरज कुमार काशी अपने चित्र के साथ 

            दिल्ली की कला दीर्घा आर्ट एलाइव में इन दिनों छोटे चित्रों की प्रदर्शनी चल रही है / इस प्रदर्शनी में देश के कई मशहूर कलाकारों द्वारा बनाई कृतियाँ प्रदर्शित की गई है / एस. एच. रज़ा , शक्ति बर्मन , अंजलि इला मेनन , मनु पारेख , एस. हर्षवर्धन , सूरज कुमार काशी आदि करीब 40 कलाकारों के चित्र यहाँ प्रदर्शित हैं / 3 अगस्त से 10 सितम्बर तक चलने वाली इस प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर कई जानी-मानी हस्तियाँ उपस्थित थी /  
            प्रसिद्ध कलाकारों के बीच कुछ ऐसे भी नाम हैं जिनका उल्लेख करना जरूरी है / यहाँ युवा कलाकार सूरज कुमार काशी ऐसे हीं कलाकार के रूप में शामिल हैं जिनका कला जीवन बहुत पुराना नहीं है, वे बहुत हीं तेजी से उभरते कलाकार हैं जो कुछ हीं समय में अपने आप को इतनी ऊंचाई दी की आज वे बड़े नामों के बीच अपनी जगह बना पाने में सफल हो रहे हैं /    

बुधवार, 31 जुलाई 2013

अशोक कुमार की प्रदर्शनी जर्मनी में

        शोक कुमार एक ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने काफ़ी कम प्रदर्शनियां की हैं पर जो भी की बहुत हीं महत्वपूर्ण रही /  जर्मनी के साईटलैण्ड में एक अंतर्राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी  का शुभारम्भ हो रहा है जिसमे पन्द्रह देशों के पचास कलाकार भाग ले रहे हैं / इस प्रदर्शनी में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं चित्रकार अशोक कुमार /
        इस प्रदर्शनी में भारत के अलावा स्वीटजरलैंड, फ़्रांस, नौर्वे, औस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, यू . एस. ए. , केन्या, ग्रीस, इटली, रसिया, जापान, निडरलैंड, डेनमार्क तथा जर्मनी के कलाकार भाग ले रहे हैं / प्रदर्शनी का उद्घघाटन  3 अगस्त को होगा जो 20 अक्टूबर 2013 तक चलेगा /  रिसाइक्लिंग आर्ट एग्जीविशन नामक इस प्रदर्शनी के क्यूरेटर हैं सैमुअल जे. फ्लिनर तथा प्रदर्शनी का डिज़ाइन थामस मिच ने तैयार किया है / यह प्रदर्शनी जर्मनी के पर्यावरण मंत्री लोअर सक्सोनि के संरक्षण में आयोजित की जा रही है /

मंगलवार, 30 जुलाई 2013

बाढ़ पीड़ितों के सहायतार्थ कला प्रदर्शनी, एक सराहनीय प्रयास

              
कला प्रदर्शनी 
     हाल हीं में उत्तराखंड में बाढ़ ने जो भीषण तबाही मचाई उसने पुरे विश्व को झकझोर दिया / कई जानें गई कितनों के घर उजड़ गए, कितने हीं लोग घायल हुए जिसकी पूर्ति करना असम्भव है पर हम मरहम तो  लगा हीं सकते हैं / सरकारी स्तर पर जो राहत कार्य किए गए वह तो महत्वपूर्ण है हीं साथ ही आम लोगों ने जो अपना योगदान दिया वह भी सराहनीय है / 
समापन अवसर पर श्री के. के. चक्रवर्ती एवं श्री जॉन फिलिपोज़ 
             इसी क्रम में कलाकारों ने भी अपने स्तर पर कई काम किए / पिछले दिनों राष्ट्रीय ललित कला अकादमी , नई दिल्ली तथा दिल्ली की बहुचर्चित संस्था नव सिद्धार्थ आर्ट ग्रुप ने संयुक्त रूप से एक कला प्रदर्शनी का आयोजन ललित कला अकादमी की गैलरी में किया /  27 जुलाई से शुरू हुई इस प्रदर्शनी में भारत वर्ष से कई कलाकारों ने अपनी कलाकृतियाँ  मुफ्त में दान की जिसे इस प्रदर्शनी में बिक्री के लिए रक्खी गई थी / प्रदर्शनी में करीब 30 कलाकृतियाँ बिकी / नव सिद्धार्थ आर्ट ग्रुप के सचिव के अनुसार कलाकृतियों की बिक्री से जो भी धन इकठ्ठा किए गए उसे प्रधानमंत्री रहत कोष में जमा कराई जाएगी / 
            


 प्रदर्शनी का समापन कल 30 जुलाई को 
समापन अवसर पर मोमबत्ती जलाकर मृतकों को श्रद्धांजलि देते कलाकार 
प्रदर्शनी में मास्क पर  बने चित्रों  की भागीदारी 
कलाकारों के साथ-साथ ललित कला अकादमी के अध्यक्ष श्री के. के. चक्रवर्ती तथा सचिव श्री वेडाला द्वारा मृतकों की आत्मा की शांति के लिए मोमबत्ती जलाकर किया /  

सोमवार, 29 जुलाई 2013

राष्ट्रीय मूर्तिकार शिविर, पटना में

              राष्ट्रीय ललित कला अकादमी , नई दिल्ली एवं कला संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार सरकार संयुक्त रूप से एक कला कार्यशाला का आयोजन पटना के अधिवेशन भवन , पटना में 1 अगस्त से 8 अगस्त तक करने जा रही है / कार्यशाला का मुख्य आकर्षण होगा छह ऐसी कलाकृति का निर्माण जिसे दो अलग-अलग विधाओं के कलाकारों द्वारा बनाया जाएगा / इसमें  ग्यारह पारंपरिक तथा बारह समकालीन कलाकार भाग ले रहे हैं /
              कार्यशाला का शुभारम्भ 1 अगस्त को होगा / इस अवसर पर श्री हरीश गंगानी द्वारा कत्थक नृत्य भी भी प्रस्तुत किया जाएगा / इस कार्यशाला का संचालन मूर्तिकार श्री श्रीकांत पाण्डेय करेंगे / 

बुधवार, 24 जुलाई 2013

8 वीं Arte Laguna अंतर्राष्ट्रीय कलात्मक पुरस्कार




8TH ARTE LAGUNA PRIZE – ENTRIES ARE OPEN!

Sections: painting, sculpture & installation, photography, video art & performance, virtual & digital art
Total Prize amount: € 180,000
Participation: open to all artists, with no age restrictions; the subject is free
Deadline: 30 October 2013

Collective exhibitions: March 2014 – Venice Arsenale, Telecom Italia Future Centre and a special selection Under 25 at the Romanian Institute of Venice
The International Arte Laguna Prize, based in Venice, Italy and dedicated to contemporary visual art, offers an exhibition in one of the most popular venues for contemporary art in the world, the Arsenale of Venice, the opportunity to live unique experiences of of professional growth in different creative locations thanks to the organization of exhibitions in international art galleries, art residencies, collaborations with companies, and the publication in the official catalogue.

PRIZES
CASH PRIZES OF 35,000 €: 7,000 Euros for the overall winner of each section
ARTIST IN RESIDENCE: Artistic foundry Battaglia - Milan, Glass School Abate Zanetti - Venice, India ArtResidency - Mumbai, Art Stays - Slovenia, Norimberga ArtResidency – Nuremberg, Loft Miramarmi – Vicenza
BUSINESS FOR ART Riva 1920: the historic furniture company will select the most interesting project in order to create it in wood and present it at Salone del Mobile 2014 in Milan
ARTIST IN GALLERY: new collaboration formula with 5 extremely selected and exclusively international galleries. Organization of a personal exhibition and a catalogue, as well as a grant of 500 Euros.

SPECIAL PRIZE OPEN:
 Open International Exhibition of Sculptures and Installations of Venice

You can apply by mail or directly online by 30 October 2013

International Arte Laguna Prize
c/o ARTE LAGUNA - Via Roma, 29/A - 31021 Mogliano V.to (TV)
tel. 041 5937242 - fax 041 8627948

राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित हुए देश के वरिष्ठ कलाकार

               लाकार, चाहे वह किसी भी विधा का हो उचित सम्मान का भूखा होता है, उसकी कला तभी मुखरित होती है जब उसे उचित सम्मान मिलाता है/  बिहार सरकार का कला प्रेम ही है कि पिछले कुछ वर्षो में कई कला गतिविधियाँ सरकार ने की है / ऐसे हीं एक प्रयास के तहत सरकारी स्तर पर कलाकारों को सम्मान प्रदान कर कलाकारों को प्रोत्साहित करने का काम बिहार सरकार ने किया है/  2012 में शुरू की गई पुरस्कार के तहत चक्षुस कला एवं प्रदर्श कला के क्षेत्र में 10-10 पुरस्कार  बिहार कला पुरस्का के नाम से दिया जाता है साथ हीं दो लाइफ टाइम एचिवमेंट पुरस्कार  भीं दोनों ही विधाओं में दिया जाता है / 

पुरस्कार प्राप्त करते पं. बिरजू महाराज 
पुरस्कार प्राप्त करते एस. एच. रजा
           












               इसी परम्परा को और आगे बढ़ाते हुए 2013 से राष्ट्रीय पुरस्कार भी शुरू किया गया है इसी के तहत कल 23 जुलाई को दिल्ली के इंडिया इंटरनेश्नल सेंटर में बिहार सरकार का पहला राष्ट्रीय पुरस्कार चक्षुस कला के क्षेत्र में श्री एस. एच. रजा को तथा प्रदर्श कला के क्षेत्र में प्रशिद्ध कत्थक नर्तक पं. बिरजू महाराज को प्रदान किया गया / यह पुरस्कार कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार के सचिव श्री चंचल कुमार ने प्रदान किया / यह पुरस्कार भी पटना में ही अन्य पुरस्कारों के साथ ही दिया जाना था पर श्री एस. एच. रजा साहब की तबीयत सही नहीं होने के कारण इसे दिल्ली में ही देने का निर्णय लिया गया /       

सोमवार, 22 जुलाई 2013

वरिष्ठ चित्रकार एस. एच.रजा तथा नृत्यकार पं. बिरजू महाराज को कल सम्मानित करेगी बिहार सरकार

चित्रकार एस. एच. राजा 
नृत्यकार प. बिरजू महाराज
                      बिहार सरकार ने कुछ वर्षों से कला के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण काम किए हैं. इसी क्रम में पिछले कुछ वर्षों से बिहार तथा देश के महत्वपूर्ण कलाकारों को सम्मानित करना भी शामिल है/ बिहार सरकार ने कुछ समय पहले यह घोषणा की थी कि इस वर्ष बिहार के कलाकारों के साथ-साथ चाक्षुष कला तथा परफोर्मिंग कला के क्षेत्र से देश के शीर्ष के एक-एक  कलाकार को भी सम्मानित करेगी/  इसके अंतर्गत बिहारी कलाकारों का सम्मान पिछले दिनों पटना में किया गया जबकि देश के अंतर्राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ कलाकारों का सम्मान कल  दिनांक 23 जुलाई को दिल्ली के  इंडिया इंटरनेश्नल सेंटर, लोधी रोड, नई दिल्ली में किया जाएगा / विजुअल आर्ट के क्षेत्र में श्री एस. एच. रजा तथा परफोर्मिंग आर्ट के क्षेत्र में कत्थक नृत्यकार श्री बिरजू महाराज को सम्मानित किया जाएगा/ कार्यक्रम का समय शाम छह बजे रखा गया है / 


  

मंगलवार, 25 जून 2013

गया कला कार्यशाला की कुछ और तस्वीरें

कार्यशाला के प्रतिभागी कलाकार एवं छायाकार 

कार्यशाला का उद्घाटन करते मुख्य अतिथि 

कार्यशाला स्थल पर स्थित पीपल का महावृक्ष

सोमवार, 24 जून 2013

गया में कला कार्यशाला का शुभारम्भ

गया कार्यशाला में बनाई मीनाक्षी झा की चित्र 
 
             पिछले दिनों भवन निर्माण विभाग, बिहार एवं कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार के संयुक्त तत्वावधान में  बिहार के प्राचीन धार्मिक पर्यटन स्थल गया  में सात दिवसीय कला कार्यशाला का शुभारम्भ हुआ। इसमे सात चित्रकार तथा सात फोटोग्राफर भाग ले रहे है।  इस कार्यशाला की विशेषता यह है की यह दो चरणों में होगा, तीन दिवसीय प्रथम चरण में सभी प्रतिभागी कलाकारों को गया के विभिन्न प्राचीन जगहों को दिखाया जाएगा फिर  गया में हीं रह कर एक चित्र बनाएँगे इसके बाद  कलाकारों को  ऎतिहसिक स्थल सीतामढ़ी ले जाया जाएगा जहाँ उन्हें वहां की विशेषताओ से रूबरू कराया जाएगा। यहाँ भी वे तीन दिनों तक रहकर एक चित्र बनाएँगे। साथ ही सभी फोटोग्राफर इन जगहों की ऎतिहसिक छवियों को अपने कैमरे में कैद करेंगे। कार्यशाला का समापन सीतामढ़ी में 29 जून को होगा। 

            इस कार्यशाला में चित्रकला के संचालक श्री अनिल कुमार सिन्हा है वे इसमे एक कलाकार के रूप में भी भाग ले रहे है । इनके अलावा चित्रकार के रूप में अशोक कुमार, मीनाक्षी झा बनर्जी, बबली दास, सुमन मेहता एवं मदन गोपाल भाग ले रहे है। वरिष्ठ कलाकार श्री सत्यनारायण लाल अपनी ख़राब सेहत की वजह से भाग नहीं ले पा रहे है। रजनीश कुमार राज फोटोग्राफी कार्यशाला के संयोजक हैं, इनके अलावा अजय रंजन , सुमन श्रीवास्तव, मुस्कान, ज्योति कुमारी, रवी शंकर साहनी एवं आलोक जैन  इस कार्यशाला में भाग लेने वाले छाया कलाकार है।