सोमवार, 4 नवंबर 2013

शुक्रवार, 25 अक्टूबर 2013

बोस कृष्णामाचारी "आर्ट स्टेज सिंगापुर" में भारतीय पवेलियन के संरक्षक होंगे

"आर्ट स्टेज सिंगापुर" ने कोच्ची बिनाले फाउन्डेशन के अध्यक्ष तथा सह-संरक्षक तथा कोच्ची-मुजीरिश बिनाले के पहले निदेशक श्री बोस कृष्णामाचारी का नए प्लेटफॉर्म सेक्शन में भारतीय पवेलियन के क्यूरेटर के रूप में चयन किया है।

 श्री बोस कृष्णामाचारी 

 "आर्ट स्टेज सिंगापुर" 15जनवरी से 19 जनवरी 2014 तक मैरिनाबे सेंड्स में होगा।

श्री कृष्णामाचारी, जो इन दिनों  कोच्ची-मुजीरिश बिनाले के दुसरे संस्करण की तैयारी में व्यस्त हैं, भारतीय कलाकारों का चयन करेंगे और आयोजकों की भारतीय पवेलियन को डिज़ाइन करने में मदद करेंगे जिसे 'प्लेटफार्म ' नाम दिया गया है। 

श्री कृष्णामाचारी ने बताया , " मैं अनेक भारतीय कलाकारों का काम देखूंगा और उनकी गैलरियों से छः से आठ कृतियों का चयन करूँगा। " इस मेले में नए हिस्से को क्षेत्रीय और देश के प्लेटफॉर्म में विभाजित किया जाएगा जिसमे एशिया- प्रषांत के जाने- माने   और उभरते कलाकारों की शानदार कलाओं का एक हीं जगह पर प्रदर्शन किया जाएगा। प्लेटफॉर्म में दक्षिण एशिया, भारत, चीन, ताइवान, जापान, कोरिया, आस्ट्रेलिया तथा न्यूजीलैंड को शामिल किया गया है।

 "आर्ट स्टेज सिंगापुर" की शुरुआत 2011 में हुई थी।

M D NICHE - Media Consultan के सहयोग से 

रविवार, 6 अक्टूबर 2013

नव सिद्धार्थ आर्ट ग्रुप की प्रदर्शनी का उद्घाटन आज

राजेश चन्द की कृति 
    दिल्ली की संस्था नव सिद्धार्थ आर्ट ग्रुप पिछले कई वर्षों से विभिन्न कला गतिविधियों को बखूबी अंजाम देती रही है। इसी कड़ी की एक प्रदर्शनी का उद्घाटन आज शाम 6.00  बजे दक्षिणी दिल्ली की कला दीर्घा ग्रीनवुड में होगा। इस प्रदर्शनी में करीब 30 कलाकारों की कृति प्रदर्शित की जाएगी जिनमे उमेश प्रसाद, रागिनी सिन्हा, राजेश चंद, दिनेश कुमार राम, सुरेश कुमार, प्रवीण उपाधे, असुर्वेध, वेद प्रकाश भरद्वाज प्रमुख हैं। 'पीस' शीर्षक की यह प्रदर्शनी इस महीने की 30 तारीख तह चलेगी।            
    

शुक्रवार, 27 सितंबर 2013

सम्मान समारोह का आयोजन 29 को

दिल्ली की संस्था " भिखारी ठाकुर स्मृति न्यास " इसी महीने की 29 तारीख को दिल्ली के  राजेंद्र भवन में एक सम्मान समारोह तथा लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करने जा रही है। इस अवसर पर 2013 का " भिखारी ठाकुर स्मृति सम्मान"  लोक कला लेखन के क्षेत्र में युवा कला लेखक  भुनेश्वर भास्कर को दिया जाएगा। इस अवसर पर लोक गायिका बिजली रानी के गायन का खास कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया जाएगा।     

छपा कला पर आधारित पुस्तक का विमोचन 28

श्याम शर्मा द्वारा लिखित छपा कला पर आधारित पुस्तक का विमोचन 28 सितम्बर को पटना स्थित कला एवं शिल्प महाविद्द्यालय में होगा।इस अवसर पर उनके  चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाईं जाएगी।  

अपनी कला का जादू बिखेरते कलाकार

माता अमृतानन्दमयी देवी के 60 वीं जन्म उत्सव पर केरल के कोल्लम के पास अमृतापुरी में आयोजित कार्यक्रम में अपनी कला का जादू बिखेरते कलाकार , कुछ छायाचित्र -

Renowned percussionist A.Sivamani

Renowned percussionist A.Sivamani

actress-dancer Manju 

actress-dancer Manju 

Warrier and pianist Stephen Devassy

Warrier and pianist Stephen Devassy


सौजन्य - M D NICHE - Media Consultants

गुरुवार, 19 सितंबर 2013

India making efforts to bring back stolen artefacts: Salman Khurshid

New Delhi, Sept 19: India will step up its efforts to bring back artefacts that have been illicitly trafficked out of the country, External Affairs Minister, Mr Salman Khurshid, said today.
Smt. Chandresh Kumari Katoch, Hon'ble Minister of Culture and Shri Salman Khurshid, Hon'ble Minister of External Affairs inaugurating the Exhibition "Return of the Yogini" at National Museum in New Delhi today.
Unveiling a 10th-century stone sculpture of the Yogini that was smuggled out of India a quarter century ago and brought back from Paris last month, he said the return of the majestic female deity signalled a major initiative in this direction.
“We should bring back our stolen antiquities. The government will provide all the support in the endeavour,” the minister told reporters at the National Museum where he jointly inaugurated an 18-day exhibition on ‘Return of the Yogini’, along with Union Culture Minister, Mrs Chandresh Kumari Katoch.
“It takes a lot of efforts to ensure the return of pilfered antiquities,” he said, hailing the sustained endeavour of the Indian Embassy in Paris and Delhi’s National Museum, where the 4.5-foot-tall sculpture would be on display till October 6. The event is unique, as it is the first time an Indian museum is holding single-object exhibition.

Smt. Chandresh Kumari Katoch, Hon'ble Minister of Culture and Shri Salman Khurshid, Hon'ble Minister of External Affairs viewing "Vrishanana Yogini" after inaugurating the exhibition "Return of the Yogini" at the National Museum in New Delhi today.
Mrs Katoch said the return of the Yogini was the first significant step in the recovery of India’s lost artefacts. “We have received information on some objects that can be brought back, but it will need sustained effort from the Indian Missions and the Ministry of Culture” she said.
Earlier, the two ministers were given a detailed presentation on the Yogini, the female representative of India’s mystical cult. National Museum Director-General Dr Venu V, along with curators Anupa Pande and E Dawon, explained to Mr Khurshid and Mrs Katoch the  systematic work that resulted in the return of  the 1100-year-old Vrishanana Yogini, with the buffalo-shaped head, that was stolen from a worn-out temple in a sleepy Lokhari village of Uttar Pradesh.
Vrishanana Yogini, with the buffalo-shaped head, weighs nearly 400 kg, and was illegally trafficked to the French capital, where it was acquired by a private art collector, Robert Schrimpf.  His widow, Mrs. Martine Schrimpf, donated it to the Indian embassy in Paris in 2008. “The artefact was was stolen from the temple recently, certainly after 1986,”  revealed Dr Venu.

Smt. Chandresh Kumari Katoch, Hon'ble Minister of Culture and Shri Salman Khurshid, Hon'ble Minister of External Affairs viewing "Vrishanana Yogini" after inaugurating the exhibition "Return of the Yogini" at the National Museum in New Delhi today.
The exhibition is intended to create awareness among the people of the country so that they become vigilant about their surroundings and prevent the cultural artefacts from being smuggled into international markets, he added.
India has been losing a large number of antiquities through illicit trafficking in cultural properties.  Many of these end up in the hands of collectors, and even in prominent museums of the world.  The yogini temples, situated in isolated locations, have become easy targets for local theft, which ensures their clandestine passage in the international market. For instance, the yogini sculptures from Kanchipuram are now in leading museums across the world, such as the Nelson Atkins Museum in Kansas City, Royal Ontario Museum in Toronto, Freer-Sackler Gallery of Smithsonian Institute in Washington D.C. and the British Museum in London.


नीव में शुरू हुई दो कलाकारों की वृहद कला प्रदर्शनी

नीव आर्ट सेंटर , दिल्ली की एक ऐसी संस्था है जो पिछले कुछ वर्षों से लगातार कला गतिविधियाँ चला रहा है।  जिनमे युवा कलाकारों की रेसीडेंसी तथा प्रदर्शनी , प्रतिष्ठित कलाकारों की प्रदर्शनी , अंतर्राष्ट्रीय रेसीडेंसी  आदि कई कार्यक्रम नीव के द्वारा लगातार संचालित हो रही है।  इसी क्रम में 18 सितम्बर को नेब सराय स्थित कला दीर्घा में दो प्रतिष्ठित कलाकारों की कला प्रदर्शनी का उद्घाटन बड़े ही धूम-धाम से हुआ। प्रदर्शनी के क्यूरेटर हैं राहुल भट्टाचार्या।    

नीचे की दीर्घा में युवा कलाकार अजय नारायण की कृति ने लोगों को काफी प्रभावित किया , एक ऒर कैनवास पर रंगों का संयोजन मन को छू रहा था तो दूसरो ऒर फाइबर ग्लास से बनी दरवाजे और खिड़की के रूप में बनी रंगीन कृतियाँ मन को मोह रही थी।  

जब हम ऊपर की दीर्घा में जाते हैं तो दरवाजे से घुसते हीं सामने काले रसेदार माध्यम में बनी कृति दिखाई देती  है जो वरिष्ठ कलाकार श्रीधर अईयर की है।  प्राकृतिक माध्यमों से बनी उनकी कृति मन को मोहित करती है।  उन्होंनें अपनी कृति के निर्माण के लिए ख़स , वृक्षों के डाल , रेत आदि जैसे कई प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल किया है। 

प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर कंचन चंदर , संजीव सिन्हा, जैसी कई चर्चित हस्तियाँ उपस्थित थी।  प्रदर्शनी का समापन 18 अक्टूबर को होगा।  

बुधवार, 18 सितंबर 2013

चोरी हुई योगिनी की मूर्ति के पेरिस से वापस आने पर राष्ट्रीय संग्रहालय में जश्न

योगिनी की मूर्ति 
उत्तर प्रदेश के एक शांत गाँव में एक पुराने मंदिर से चोरी हुई भारत की जादुई पंथ की महिला प्रतिक - योगिनी की एक अति सुन्दर 10 वीं सदी में निर्मित पत्थर की मूर्ति पेरिस में एक कला संग्रहकर्ता के पास पहुँच गई थी लेकिन अब यह मूर्ति राष्ट्रीय संग्रहालय की बेशकीमती संपत्ति है।  

राष्ट्रीय संग्रहालय, भैंस आकर के वाली महिला देवता - "व्रिशानाना " योगिनी की भव्य मूर्ति के देश में वापस आने के उपलक्ष्य में 19 सितम्बर से 6 अक्तूबर तक अकेली कलाकृति की अब तक की पहली अनूठी प्रदर्शनी का आयोजन कर जश्न मानेगा।  
  
संग्रहालय के महानिदेशक डा. वेणु वि. के अनुसार " पुर्व में भी राष्ट्रीय संग्रहालय विशिष्ट विषयों पर केन्द्रित प्रदर्शनियों का आयोजन करता रहा है , लेकिन ऐसा पहली बार हो रहा है कीयह एक  हीं मूर्ति की प्रदर्शनी होगी। हालाकि यह प्रदर्शनी एक ही वास्तु पर ध्यान केन्द्रित करता है , लेकिन ऐसे कई विषय हैं  आधार प्रदान कर रहे हैं। "

18 दिनों तक चलने वाली इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 19 सितम्बर को 3 बजे संस्कृति मंत्री श्रीमती चंद्रेश कुमारी कटोच और विदेश मंत्री श्री सलमान खुर्शीद संयुक्त रूप से संग्रहालय में करेंगे।     

लगभग 400 किलोग्राम वजन की यह मूर्ति उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में लोखाड़ी गाँव के मंदिर से चोरी की गई थी।  उसके बाद इसे अवैध रूप से फ्रांस ले जाया गया ।  

इस प्रदर्शनी को राष्ट्रीय संग्रहालय के क्यूरेटर ( पुरातत्व ) जे. ई. डावसन और राष्ट्रीय संग्रहालय संसथान के डीन अनुप पाण्डेय ने संयुक्त रूप से क्युरेट किया है।  

मंगलवार, 17 सितंबर 2013

दो कलाकारों की कला प्रदर्शनी नीव में

         विश्व स्तर बहुत तेजी से अपना स्थान बना चुकी दिल्ली की कला संस्था " Niv Arts Center" में कल दिनांक 18 सितम्बर से एक कला प्रदर्शनी की शुरुआत हो रही है। इस प्रदर्शनी में एक जाने-मने वरिष्ठ कलाकार श्री श्रीधर अईयर तथा एक युवा कलाकार अजय नारायण की कृतियाँ एक साथ देखने को मिलेगी। एक महीने तक चलने वाली इस प्रदर्शनी का उद्घाटन कल शाम 6. 30 बजे  तथा समापन अगले महीने की 18 तारीख़ को होगा।       

बुधवार, 11 सितंबर 2013

पांच दिवसीय कला प्रदर्शनी की एक झलक







पांच दिवसीय सामूहिक कला प्रदर्शनी

सुमन सिंह की कृति 




      इन दिनों दिल्ली की मशहूर कला दीर्घा " इंडिया हैबिटेट सेंटर " के विजुअल कला दीर्घा में एक सामूहिक कला प्रदर्शनी चल रही है।    आठ सितम्बर से शुरू हुई इस प्रदर्शनी में बाईस कलाकारों की लगभग ४५ कलाकृतियाँ प्रदर्शित है।   पेंटिंग, प्रिंट , मूर्तिशिल्प के साथ-साथ सेरामिक माध्यम में बनी कृतियाँ आकर्षण का केंद्र है।   कलाकारों में अभिनीत कुमार, चैता बासु जेना, चंद्रकिशोर, किशोर कुमार साहू, सुमन कुमार सिंह, संगीता, सुनील चन्द्र पॉल, विजय चौहान, मयधर साहू के साथ-साथ कई कलाकारों की कृतियाँ मन को छूने वाली है।प्रदर्शनी 12 सितम्बर तक चलेगी।  


रविवार, 1 सितंबर 2013

कला गोष्ठी का आयोजन

           भारत की समकालीन कला  आज अपने उस दौर में है जहाँ  यह कह पाना कठिन है की हम उन्नति की दिशा में जा रहे हैं या पतन की ऒर / यूँ तो हमेशा से हीं कला बाज़ार, राजनीति या कई अन्य चीजें कला को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती रही है पर आज के युग में इसका प्रभाव बहुत ज्यादा देखने को मिल रहा है / ऐसे में कलाकार क्या करे ? जब यह कहा जाता है कि आज भारतीय कलाकार स्वतंत्र है, उसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता  प्राप्त है पर क्या वह सही रूप में स्वतंत्र है ?
गोष्ठी के मुख्य वक्ता गण  तथा संबोधित करते श्री वेद प्रकाश भारद्वाज 


          इन्हीं गंभीर विषयों को चर्चा का विषय बनाया गया आर्ट ऑफ़ बिहार द्वारा एक कला गोष्ठी में / विषय था "  भारतीय समकालीन कला की चुनौतियाँ "  / AOB के दिल्ली स्थित कार्यालय में १ सितम्बर को आयोजित इस गोष्ठी में कई कलाकारों की मौजूदगी में तीन मुख्य वक्ता , वरिष्ठ कला समीक्षक तथा कला मर्मज्ञों ने अपने विचार रखे  / वरिष्ठ कलाकार एवं कला के जानकर पटना श्री अनिल कुमार सिन्हा ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपने विचार रखे / वरिष्ठ कलाकर एवं कला समीक्षक श्री वेद प्रकाश भरद्वाज ने अपने बहुमूल्य वचनों से कलाकारों को अवगत कराते हुए कला जगत में व्यवसायवाद पर विशेष रूप से प्रकाश डाला /  वहीँ श्री सुमन सिंह ने इस विषय पर अपने लेख पढ़े / उन्होंने बिहार के कला इतिहास की व्याख्या करते हुए समकालीन कला सन्दर्भों पर प्रकाश डाला /

गोष्ठी में उपस्थित कलाकार 


           कलाकारों की ऒर से रविन्द्र दास, भुनेश्वर भास्कर, रागिनी सिन्हा, सुनील कुमार, दिनेश कुमार राम ने भी अपने विचार रखे / भुनेश्वर भास्कर ने कला क्षेत्र में राजनीतिक प्रभाव को कला की दिशा तय करने का एक बड़ा कारक बताया /
           
           सभा के अंत में आर्ट ऑफ़ बिहार के मुखिया एवं संपादक राजेश चन्द ने धन्यवाद् ज्ञापन किया तथा कलाकारों एवं कला प्रेमियों से इस मुहीम में सहयोग की अपील की /    

सोमवार, 26 अगस्त 2013

सूरज कुमार काशी की प्रदर्शनी मुंबई में



                      बिहार के युवा कलाकार सूरज कुमार काशी की सामूहिक कला प्रदर्शनी इन दिनों मुंबई की जानी-मानी कला दीर्घा "   ताऊ आर्ट गैलरी"   में चल रही है / "बियोंड द कैनवास "   नाम से आयोजित इस प्रदर्शनी को संयुक्त रूप से संचालित किया है कल्पना शाह तथा सपना कर ने / इस प्रदर्शनी में देश के कई जाने-माने कलाकारों की अलग-अलग माध्यमों में बनी कृतियाँ  हैं जिनमें  सूरज कुमार काशी के अलावा अली अकबर मेहता , अरुनान्शु चौधरी , गोगी सरोज पाल , हिम्मत शाह , ज्योतिर्मय डे , परेश मैती , रामेश्वर बरूटा , सतीश गुजराल , सीमा कोहली जैसे 34 कलाकारों की कृतियाँ प्रदर्शित की गई है /  22 अगस्त से शुरू इस प्रदर्शनी का समापन 10 सितम्बर को होगा /

" विभूति " एक सामूहिक कला प्रदर्शनी 27 से

उमेश प्रसाद की कृति 
                 "   विभूति ", यह उस सामूहिक कला प्रदर्शनी का नाम है जिसका उद्घाटन कल यानि 27 जुलाई को दिल्ली के इंडिया हेबिटेट सेंटर में होने जा रहा है /  विजुअल आर्ट गैलरी में आयोजित होने वाली इस प्रदर्शनी में कुल आठ कलाकारों की कृतियाँ प्रदर्शित की जाएगी /   यह प्रदर्शनी कलर कोरिडोर द्वारा आयोजित की जा रही है जो इस महीने की 31 तारीख तक चलेगी /   उमेश प्रसाद के अलावा अनिल कुमार गोस्वामी, कुमार गौरव , रविन्द्र तोमर , उमाशंकर शाह , डा सीमा शर्मा शाह , वी नागदास तथा हरिबाबू की कृति इस प्रदर्शनी की शोभा बढ़ाएंगे /   

बुधवार, 21 अगस्त 2013

संरचना की सामूहिक कला प्रदर्शनी शुभारम्भ


                 बिहार के वरिष्ठ कलाकारों के कलाकृतियों की एक बड़ी प्रदर्शनी का उद्घाटन कल बड़े हीं उत्साह के साथ पटना के बहुद्देशीय सांस्कृतिक परिसर में हुआ /  



             कलाकारों की संस्था  "   संरचना"  द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी  में बिहार के जाने-माने करीब 15  कलाकार भाग ले रहे हैं / जिनमे अनिल सिन्हा, राखी कुमारी, विनय कुमार, श्याम शर्मा ,बी. के. गुप्ता ,  मनोज कुमार बच्चन , बिरेन्द्र  कुमार सिंह आदि प्रमुख हैं / प्रदर्शनी का उद्घाटन कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार के सचिव श्री चंचल कुमार ने किया , विशिष्ट अतिथि थे वरिष्ठ  साहित्यकार डा फणीश सिंह तथा सभा की अध्यक्षता की दूरदर्शन पटना के उप महानिदेशक श्री कृष्णदेव कल्पित ने /  यह प्रदर्शनी 2 5 अगस्त तक चलेगी / 



राखी कुमारी अपने काम के साथ 


बी के गुप्ता  अपने काम के साथ 

अनिल सिन्हा अपने काम के साथ 

दिनेश कुमार  अपने काम के साथ 


शुक्रवार, 16 अगस्त 2013

संरचना की सामूहिक कला प्रदर्शनी

अनिल सिन्हा की पेंटिंग 

           बिहार की नवनिर्मित कलाकारों की संस्था संरचना ने पटना में एक  सामूहिक कला प्रदर्शनी का आयोजन किया है / प्रदर्शनी का उद्घाटन 20 अगस्त को बहुद्देशीय सांस्कृतिक परिसर में होगा तथा समापन 25 अगस्त को होगा / इस प्रदर्शनी में कई सदस्य कलाकारों की कलाकृतियाँ प्रदर्शित की जाएगी /  जिसमे अनिल कुमार सिन्हा, मनोज कुमार बच्चन, बिरेन्द्र कुमार सिंह, श्याम शर्मा, मिलन दास जैसे कई कलाकार भाग ले रहे हैं /  

शनिवार, 3 अगस्त 2013

प्रसिद्ध कलाकारों की कृतियाँ दिखी दिल्ली में

सूरज कुमार काशी अपने चित्र के साथ 

            दिल्ली की कला दीर्घा आर्ट एलाइव में इन दिनों छोटे चित्रों की प्रदर्शनी चल रही है / इस प्रदर्शनी में देश के कई मशहूर कलाकारों द्वारा बनाई कृतियाँ प्रदर्शित की गई है / एस. एच. रज़ा , शक्ति बर्मन , अंजलि इला मेनन , मनु पारेख , एस. हर्षवर्धन , सूरज कुमार काशी आदि करीब 40 कलाकारों के चित्र यहाँ प्रदर्शित हैं / 3 अगस्त से 10 सितम्बर तक चलने वाली इस प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर कई जानी-मानी हस्तियाँ उपस्थित थी /  
            प्रसिद्ध कलाकारों के बीच कुछ ऐसे भी नाम हैं जिनका उल्लेख करना जरूरी है / यहाँ युवा कलाकार सूरज कुमार काशी ऐसे हीं कलाकार के रूप में शामिल हैं जिनका कला जीवन बहुत पुराना नहीं है, वे बहुत हीं तेजी से उभरते कलाकार हैं जो कुछ हीं समय में अपने आप को इतनी ऊंचाई दी की आज वे बड़े नामों के बीच अपनी जगह बना पाने में सफल हो रहे हैं /    

बुधवार, 31 जुलाई 2013

अशोक कुमार की प्रदर्शनी जर्मनी में

        अशोक कुमार एक ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने काफ़ी कम प्रदर्शनियां की हैं पर जो भी की बहुत हीं महत्वपूर्ण रही /  जर्मनी के साईटलैण्ड में एक अंतर्राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी  का शुभारम्भ हो रहा है जिसमे पन्द्रह देशों के पचास कलाकार भाग ले रहे हैं / इस प्रदर्शनी में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं चित्रकार अशोक कुमार /
        इस प्रदर्शनी में भारत के अलावा स्वीटजरलैंड, फ़्रांस, नौर्वे, औस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, यू . एस. ए. , केन्या, ग्रीस, इटली, रसिया, जापान, निडरलैंड, डेनमार्क तथा जर्मनी के कलाकार भाग ले रहे हैं / प्रदर्शनी का उद्घघाटन  3 अगस्त को होगा जो 20 अक्टूबर 2013 तक चलेगा /  रिसाइक्लिंग आर्ट एग्जीविशन नामक इस प्रदर्शनी के क्यूरेटर हैं सैमुअल जे. फ्लिनर तथा प्रदर्शनी का डिज़ाइन थामस मिच ने तैयार किया है / यह प्रदर्शनी जर्मनी के पर्यावरण मंत्री लोअर सक्सोनि के संरक्षण में आयोजित की जा रही है /

मंगलवार, 30 जुलाई 2013

बाढ़ पीड़ितों के सहायतार्थ कला प्रदर्शनी, एक सराहनीय प्रयास

              
कला प्रदर्शनी 
     हाल हीं में उत्तराखंड में बाढ़ ने जो भीषण तबाही मचाई उसने पुरे विश्व को झकझोर दिया / कई जानें गई कितनों के घर उजड़ गए, कितने हीं लोग घायल हुए जिसकी पूर्ति करना असम्भव है पर हम मरहम तो  लगा हीं सकते हैं / सरकारी स्तर पर जो राहत कार्य किए गए वह तो महत्वपूर्ण है हीं साथ ही आम लोगों ने जो अपना योगदान दिया वह भी सराहनीय है / 
समापन अवसर पर श्री के. के. चक्रवर्ती एवं श्री जॉन फिलिपोज़ 
             इसी क्रम में कलाकारों ने भी अपने स्तर पर कई काम किए / पिछले दिनों राष्ट्रीय ललित कला अकादमी , नई दिल्ली तथा दिल्ली की बहुचर्चित संस्था नव सिद्धार्थ आर्ट ग्रुप ने संयुक्त रूप से एक कला प्रदर्शनी का आयोजन ललित कला अकादमी की गैलरी में किया /  27 जुलाई से शुरू हुई इस प्रदर्शनी में भारत वर्ष से कई कलाकारों ने अपनी कलाकृतियाँ  मुफ्त में दान की जिसे इस प्रदर्शनी में बिक्री के लिए रक्खी गई थी / प्रदर्शनी में करीब 30 कलाकृतियाँ बिकी / नव सिद्धार्थ आर्ट ग्रुप के सचिव के अनुसार कलाकृतियों की बिक्री से जो भी धन इकठ्ठा किए गए उसे प्रधानमंत्री रहत कोष में जमा कराई जाएगी / 
            


 प्रदर्शनी का समापन कल 30 जुलाई को 
समापन अवसर पर मोमबत्ती जलाकर मृतकों को श्रद्धांजलि देते कलाकार 
प्रदर्शनी में मास्क पर  बने चित्रों  की भागीदारी 
कलाकारों के साथ-साथ ललित कला अकादमी के अध्यक्ष श्री के. के. चक्रवर्ती तथा सचिव श्री वेडाला द्वारा मृतकों की आत्मा की शांति के लिए मोमबत्ती जलाकर किया /  

सोमवार, 29 जुलाई 2013

राष्ट्रीय मूर्तिकार शिविर, पटना में

              राष्ट्रीय ललित कला अकादमी , नई दिल्ली एवं कला संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार सरकार संयुक्त रूप से एक कला कार्यशाला का आयोजन पटना के अधिवेशन भवन , पटना में 1 अगस्त से 8 अगस्त तक करने जा रही है / कार्यशाला का मुख्य आकर्षण होगा छह ऐसी कलाकृति का निर्माण जिसे दो अलग-अलग विधाओं के कलाकारों द्वारा बनाया जाएगा / इसमें  ग्यारह पारंपरिक तथा बारह समकालीन कलाकार भाग ले रहे हैं /
              कार्यशाला का शुभारम्भ 1 अगस्त को होगा / इस अवसर पर श्री हरीश गंगानी द्वारा कत्थक नृत्य भी भी प्रस्तुत किया जाएगा / इस कार्यशाला का संचालन मूर्तिकार श्री श्रीकांत पाण्डेय करेंगे / 

बुधवार, 24 जुलाई 2013

8 वीं Arte Laguna अंतर्राष्ट्रीय कलात्मक पुरस्कार




8TH ARTE LAGUNA PRIZE – ENTRIES ARE OPEN!

Sections: painting, sculpture & installation, photography, video art & performance, virtual & digital art
Total Prize amount: € 180,000
Participation: open to all artists, with no age restrictions; the subject is free
Deadline: 30 October 2013

Collective exhibitions: March 2014 – Venice Arsenale, Telecom Italia Future Centre and a special selection Under 25 at the Romanian Institute of Venice
The International Arte Laguna Prize, based in Venice, Italy and dedicated to contemporary visual art, offers an exhibition in one of the most popular venues for contemporary art in the world, the Arsenale of Venice, the opportunity to live unique experiences of of professional growth in different creative locations thanks to the organization of exhibitions in international art galleries, art residencies, collaborations with companies, and the publication in the official catalogue.

PRIZES
CASH PRIZES OF 35,000 €: 7,000 Euros for the overall winner of each section
ARTIST IN RESIDENCE: Artistic foundry Battaglia - Milan, Glass School Abate Zanetti - Venice, India ArtResidency - Mumbai, Art Stays - Slovenia, Norimberga ArtResidency – Nuremberg, Loft Miramarmi – Vicenza
BUSINESS FOR ART Riva 1920: the historic furniture company will select the most interesting project in order to create it in wood and present it at Salone del Mobile 2014 in Milan
ARTIST IN GALLERY: new collaboration formula with 5 extremely selected and exclusively international galleries. Organization of a personal exhibition and a catalogue, as well as a grant of 500 Euros.

SPECIAL PRIZE OPEN:
 Open International Exhibition of Sculptures and Installations of Venice

You can apply by mail or directly online by 30 October 2013

International Arte Laguna Prize
c/o ARTE LAGUNA - Via Roma, 29/A - 31021 Mogliano V.to (TV)
tel. 041 5937242 - fax 041 8627948